सर्व हिन्दू समाज की .....जय
तुम ब्राम्हण को पाखंडी बोलोगे तो
मैं भी ब्राम्हण हूँ।
तुम क्षत्रिय को अत्याचारी बोलोगे तो
मैं भी क्षत्रिय हूँ।
तुम वैश्य को अवसरवादी बोलोगे तो
मैं भी वैश्य हूँ।
और तुम शुद्र को लालची बोलोगे तो
मैं भी शुद्र हूँ।
तुम कहीं पर भी प्रहार करोगे, हम एक हो कर लड़ेंगे।
हम हिंदू एक हैं
विक्रम हिन्दू जी के फेसबुक वाल से साभार

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