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गौरवपूर्ण थाती : धारा चिकित्सा

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  चरक संहिता में एक मिरेकल चिकित्सा का विस्तार से वर्णन है जिसे धारा चिकित्सा का नाम दिया गया है। धारा चिकित्सा में, पहले तीन या चार दिनों तक शरीर के एफक्टेड अंगों को विभिन्न जड़ी बूटियों एवम अग्नि के द्वारा चिकित्सा के लिए तैयार किया जाता है। सभी रंध्रों को खोला जाता है । जब अंग धारा चिकित्सा के लिए तैयार हो जाते है तो शुरू होता है धारा ट्रीटमेंट। इसमें पांच छह लीटर गर्म तेल में विभिन्न जड़ी बूटियों को मिलाया जाता है। इस प्रकार स्नेह धारा तैयार किया जाता है। अगर तेल के स्थान पर दूध का प्रयोग किया जाए तो इसे क्षीर धारा और अगर छाछ का प्रयोग किया जाए तो तक्र धारा की संज्ञा दी गई है। अब इस जड़ी बूटी मिले गुनगुने गाढ़े तेल, दूध या छाछ को धारा के रूप में एफक्टेड अंग पर एक निश्चित उचाई से लगातार छोड़ा जाता है। धारा शरीर पर गिरती हुई पुनः एक बर्तन में इकट्टी कर ली जाती है और पुनः एक निश्चित ताप पर गर्म की जाती है और दोबारा शरीर पर अभिषेक की भांति अर्पित की जाती है। इस प्रकार तीन सौ से चार सौ लीटर धारा से शरीर का अभिषेक किया जाता है। त्वचा के पहले से ही खुले हुए रंध्रों पर जब गाढ़ी गर्म धारा पड़त...

जब जागो तभी सवेरा

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  *विचार कीजिएगा* *72 वर्षों के ताड़ी के नशे में मदमस्त केरल का हिन्दु अब लग रहा है अपने अस्तित्व के लिए कुछ सजग हो रहा है ।* *वहाँ के किसी भी चुनाव में नगण्य रहने वाला हिन्दु लोकल बॉडी के चुनाव में अपनी भूमिका स्पष्ट कर रहा है ।* *जब जान पर आती है तभी हिन्दुओं को क्यों जगना होता है ?* *हमें यह ध्यान रखना है की दुनिया की कोई संस्था हमारे लिए नहीं है पर दुनिया की सबसे बड़ी सत्ता हमारा धर्म और हमारा आचरण हमारे साथ है ।* *पुन: स्पष्ट कर दूँ की बीजेपी के सभी नेता कसौटी पर खरे नहीं उतर सकते और सभी से मोदी शाह या योगी जी महाराज जैसी अपेक्षा भी न रखें ।* *पर बुरी से बुरी स्थिति में मामा , कमलनाथ से बेहतर हैं , येदियुरप्पा किसी भी सिद्धारमैया या खड़गे से बेहतर हैं, नकारा , निकम्मी वसुंधरा भी तोतले से बेहतर थी और सॉफ्ट देवेंद्र फड़वणीस भी सोनिया सेना से बेहतर थे ।* *अत: छोटी छोटी कमियाँ , आलू प्याज टिमाटर या बाभन ठाकुर के नाम पर अपनी राज्य सरकार मत बदलिए । रमन सिंह अपेक्षा पर खरे नहीं उतरे इसका अर्थ यह नहीं होता की आप ऐसे को सत्ता दे दें जिससे आप अपेक्षा भी न करते हों ।* *एक बड़ी लड़ाई हमने...

सर्व हिन्दू समाज की .....जय

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  तुम ब्राम्हण को पाखंडी बोलोगे तो मैं भी ब्राम्हण हूँ। तुम क्षत्रिय को अत्याचारी बोलोगे तो मैं भी क्षत्रिय हूँ। तुम वैश्य को अवसरवादी बोलोगे तो मैं भी वैश्य हूँ। और तुम शुद्र को लालची बोलोगे तो मैं भी शुद्र हूँ। तुम कहीं पर भी प्रहार करोगे, हम एक हो कर लड़ेंगे। हम हिंदू एक हैं विक्रम हिन्दू जी के फेसबुक वाल से साभार
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  सन 2011 में एक फ़िल्म आई थी ‘बॉडीगार्ड'..अरे वही अपने ‘सलमान भाई’ वाली और जिसमें तैमूर की अम्मी ‘करीना’ भी थी...वो फ़िल्म तो लगभग सभी ने देखी होगी... फ़िल्म का वो सीन तो आपको याद ही होगा जहाँ अपने सलमान भाई करीना की सिक्युरिटी के लिए उसके क्लासरूम में भी चले जाते हैं...और बाद में प्रोफेसर से बद्दतमीजी कर बैठते हैं जिसकी वजह से प्रोफेसर सल्लू भाई को क्लास से बाहर भगा देता है... आप सोचेंगे इसमें कौन सी खास बात है...खास बात ये है कि ये फ़िल्म एक ‘मलयालम' फ़िल्म की रीमेक थी जिसमें इस सेम सीन को थोड़ा अलग तरीके से दिखाया गया है... ओरिजनल मलयालम फ़िल्म में प्रोफेसर हीरो से पूछता है कि--गुरुत्वाकर्षण की खोज किसने की.? हीरो कहता है--‘वैसे तो गुरुत्वाकर्षण की खोज, सबसे पहले भारत के भाष्कराचार्य ने की थी,लेकिन लोग न्यूटन की लाल करते हैं' - हीरो का ये जवाब सुनकर प्रोफेसर चिढ़ जाता है और उसे क्लास से बाहर निकाल देता है... अब सवाल ये है ऐसी कौन सी मजबूरी आ गई थी कि, बॉलीवुड वालों को,जो फ़िल्म के हिंदी रीमेक में ये सीन गायब ही करना पड़ गया.. जबकि दोनों फ़िल्म का डायरेक्टर/राइटर एक ही शख्स था...वै...